📅 Monday, 26 October 2026 | ऑल इंडिया संपादक परिषद
LIVE NEWS AISP राष्ट्रीय डिजिटल पोर्टल लाइव | डिजिटल QR आईडी कार्ड सेवा सक्रिय | बौद्धिक मंच व विचार प्रवाह चालू...
Piyush Dwivedi
पीयूष द्विवेदी राष्ट्रीय अध्यक्ष मान्यता प्राप्त पत्रकार,
उ0 प्र0 शासन
AISP Crest Logo

AISP.CLUB

All India Sampadak Parishad

Abhinay Seth
अभिनय सेठ (गुरुभाई) राष्ट्रीय प्रमुख (डिजिटल मीडिया)
🏠 होम 🏛️ PIB विज्ञप्ति 🔍 फैक्ट-चेक 🇮🇳 राष्ट्रीय 🌐 अंतरराष्ट्रीय 🗺️ राज्य समाचार 📍 जिला एवं शहर 💳 सदस्यता 🔍 सत्यापन
🏠 होम » राज्य समाचार

37 साल पुराने हत्या केस में कुंभकरण की उम्रकैद बरकरार:हाईकोर्ट ने दिया सरेंडर का आदेश, मृत्यु पूर्व विश्वसनीय बयान बनी वजह

📅 प्रकाशित: 23 October 2026, 04:06 👁️ 2 बार देखा गया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 1987 में बरेली में हुए चर्चित हत्या मामले में 37 साल पुरानी अपील खारिज करते हुए आरोपी की उम्रकैद की सजा बरकरार रखी है। कोर्ट ने कहा कि मृतक का मृत्यु पूर्व बयान पूरी तरह विश्वसनीय है और छोटे-मोटे विरोधाभास से केस कमजोर नहीं होता। कृष्ण कुमार उर्फ कुंभकरण की अपील पर न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा तथा न्यायमूर्ति जय कृष्ण उपाध्याय की खंडपीठ ने यह फैसला सुनाया। क्या है मामला जानिये अभियोजन के अनुसार मृतक भीम सिंह का भगवान दास, कुंभकरण, राम सहाय और छोटे से जमीनी विवाद था। 24.फरवरी.1987 को रात करीब 11:15 बजे जब भीम सिंह शुगर फैक्ट्री से अपने घर नेकपुर, मढ़ीनाथ पहुंचा तो आरोपियों ने उसे घेर लिया। राम सहाय, छोटे और भगवान दास ने उसे पकड़ लिया और कुंभकरण को उकसाया – “क्या देख रहा है, मार क्यों नहीं देता।” इस पर कुंभकरण ने गुप्ती (खंजर) से भीम सिंह के पेट में वार कर दिया। घायल भीम सिंह रिक्शे से थाने पहुंचा और एफआईआर दर्ज कराई। जिला अस्पताल में कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने बयान दर्ज किया। 25.फरवरी .1987 को सुबह 7:45 बजे भीम सिंह की मौत हो गई। 1989 को हत्या का दोषी ठहराया अपर सत्र न्यायाधीश ने 31.जुलाई .1989 को हत्या का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद और 100 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। जुर्माना न देने पर 3 माह अतिरिक्त कठोर कारावास। इसी के खिलाफ 1989 से अपील लंबित थी। कोर्ट ने पाया कि अभियोजन ने संदेह से परे साबित किया कि कृष्ण कुमार उर्फ कुंभकरण ने ही भीम सिंह के पेट में घातक खंजर मारा। ट्रायल कोर्ट का निष्कर्ष साक्ष्यों पर आधारित है, उसमें कोई विकृति नहीं। कोर्ट ने अपील खारिज कर कृष्ण कुमार उर्फ कुंभकरण को शेष सजा काटने के लिए संबंधित कोर्ट में सरेंडर करने का निर्देश दिया।


स्रोत: आधिकारिक समाचार माध्यम (https://www.bhaskar.com/local/uttar-pradesh/prayagraj/news/allahabad-high-court-bareilly-murder-case-kumbhkaran-conviction-139458295.html)

← मुख्य पृष्ठ पर लौटें AISP Official Digital Desk

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

© 2026 All India Sampadak Parishad (AISP). सर्वाधिकार सुरक्षित।
Powered by Digital Nation Inn (DNI) | Managed by AISP Digital Wing