📅 Tuesday, 27 October 2026 | ऑल इंडिया संपादक परिषद
LIVE NEWS AISP राष्ट्रीय डिजिटल पोर्टल लाइव | डिजिटल QR आईडी कार्ड सेवा सक्रिय | बौद्धिक मंच व विचार प्रवाह चालू...
Piyush Dwivedi
पीयूष द्विवेदी राष्ट्रीय अध्यक्ष मान्यता प्राप्त पत्रकार,
उ0 प्र0 शासन
AISP Crest Logo

AISP.CLUB

All India Sampadak Parishad

Abhinay Seth
अभिनय सेठ (गुरुभाई) राष्ट्रीय प्रमुख (डिजिटल मीडिया)
🏠 होम 🏛️ PIB विज्ञप्ति 🔍 फैक्ट-चेक 🇮🇳 राष्ट्रीय 🌐 अंतरराष्ट्रीय 🗺️ राज्य समाचार 📍 जिला एवं शहर 💳 सदस्यता 🔍 सत्यापन
🏠 होम » राज्य समाचार

पेट्रोल पंप डीलरशिप रद्द, मुआवजा देने का आदेश:हाईकोर्ट ने कहा- वित्तीय नुकसान की भरपाई करना अधिकारियों की जिम्मेदारी

📅 प्रकाशित: 22 October 2026, 03:06 👁️ 2 बार देखा गया

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा गाजीपुर जिले में पेट्रोल पंप डीलरशिप के लिए जारी विज्ञापन और लेटर ऑफ इंटेंट को रद्द करने के मामले में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बिना किसी गलती के याचिकाकर्ता को हुए वित्तीय नुकसान की भरपाई करना अधिकारियों की जिम्मेदारी है, क्योंकि यह तकनीकी त्रुटि पूरी तरह से पेट्रोलियम कंपनी की ओर से की गई थी। क्या है मामला जानिये मामला गाजीपुर में स्टेट हाईवे-99 पर महावीर मंदिर से भदौरा स्टैंड के बीच स्थित लोकेशन पर पेट्रोल पंप आवंटन से जुड़ा है। कंपनी ने 25 नवंबर 2018 को इसके लिए विज्ञापन निकाला था। लॉटरी के बाद शांतनु सिंह को 1 फरवरी 2019 को सफल घोषित किया गया और 2 अगस्त 2019 को लेटर of इंटेंट जारी किया गया। शर्तों के तहत याचिकाकर्ता ने जमीन को रोड लेवल तक विकसित करने, बाउंड्री वॉल बनाने और एनओसी प्राप्त करने में भारी निवेश किया। हालांकि, 11 मार्च 2021 को कंपनी ने विज्ञापन और आवंटन रद्द कर दिया। कंपनी का तर्क था कि यह क्षेत्र 6 मार्च 2018 की अधिसूचना के तहत पहले ही राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किया जा चुका था, जिससे विज्ञापन त्रुटिपूर्ण हो गया था। कोर्ट ने माना कि विज्ञापन रद्द करने का अधिकार कंपनी के पास था, लेकिन याचिकाकर्ता की कोई गलती नहीं थी। याचिकाकर्ता ने कंपनी के भरोसे अपनी गाढ़ी कमाई खर्च की थी। साक्ष्यों को अदालत ने देखा अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर माना कि याचिकाकर्ता ने 15,78,486 रुपये का निवेश किया था। संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत शक्तियों का उपयोग करते हुए कोर्ट ने कंपनी को निर्देश दिया कि वह एक महीने के भीतर याचिकाकर्ता को 15,78,486 रुपये की राशि मुआवजे के रूप में दे। भुगतान न होने पर 8% वार्षिक साधारण ब्याज देना होगा। इस प्रकार न्यायालय ने याचिका को स्वीकार कर लिया।


स्रोत: आधिकारिक समाचार माध्यम (https://www.bhaskar.com/local/uttar-pradesh/prayagraj/news/allahabad-high-court-ghazipur-petrol-pump-dealership-compensation-139447310.html)

← मुख्य पृष्ठ पर लौटें AISP Official Digital Desk

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

© 2026 All India Sampadak Parishad (AISP). सर्वाधिकार सुरक्षित।
Powered by Digital Nation Inn (DNI) | Managed by AISP Digital Wing