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लाहौर सामूहिक दुष्कर्म मामले में Maryam Nawaz ने जज पर लगाया रिश्वत लेने का आरोप

📅 प्रकाशित: 24 October 2026, 16:10 👁️ 2 बार देखा गया

(एम जुल्करनैन)
लाहौर, 24 अक्टूबर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने शनिवार को आरोप लगाया कि अजरबैजान की 20 वर्षीय महिला से सामूहिक दुष्कर्म के मामले की सुनवाई कर रहे एक न्यायाधीश ने मुख्य आरोपी को जमानत देने के बदले उससे रिश्वत ली। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मुख्य आरोपी अहमद तनवीर ने महिला को उसके और दो अन्य आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोप वापस लेने के लिए 70,000 अमेरिकी डॉलर देने की पेशकश की थी। अधिकारियों के अनुसार, अजरबैजान की राजधानी बाकू की रहने वाली महिला सितंबर के मध्य में व्यापार के सिलसिले में पाकिस्तान आई थी।

पुलिस ने बताया कि 25 सितंबर को लाहौर में दो महिलाएं उसे ‘डिफेंस हाउसिंग अथॉरिटी’ (डीएचए) क्षेत्र के एक कैफे में ले गई थीं, जहां तीन पुरुष भी उनके साथ शामिल हो गए। इसने बताया कि इसके बाद इन पुरुषों ने उसे और दो अन्य महिलाओं को अपने वाहन में उनके गंतव्य तक छोड़ने की पेशकश की। पुलिस के अनुसार, ये लोग महिला को एक फ्लैट में ले गए, जहां उन्होंने शराब पी और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।

पुलिस ने इस मामले में दो पुरुष आरोपियों और दोनों महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि अहमद तनवीर जमानत पर था। हालांकि, शुक्रवार को अग्रिम जमानत की अवधि बढ़ाए जाने के बावजूद पुलिस ने तनवीर को लाहौर की सत्र अदालत के बाहर गिरफ्तार कर लिया। मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने तनवीर की गिरफ्तारी को सही ठहराते हुए सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘कोई भी बलात्कारी या अपराधी केवल इसलिए न्याय से बच नहीं सकता कि उसके पास पैसा है।’’
उन्होंने कहा कि यह बात सामने आई है कि आरोपी के संपन्न परिवार ने पीड़िता को अपने आरोप वापस लेने के बदले दो करोड़ पाकिस्तानी रुपये (करीब 72,000 अमेरिकी डॉलर) देने की पेशकश की थी, जबकि दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 164 के तहत उसका बयान पहले ही दर्ज किया जा चुका था।

मरियम नवाज ने कहा, ‘‘यह आरोप भी है कि आरोपी को जमानत देने वाले न्यायाधीश को रिश्वत दी गई थी। यदि ये आरोप सही हैं, तो इससे न्याय व्यवस्था की ईमानदारी और दुष्कर्म पीड़िताओं पर धन के दबाव तथा सत्ता के दुरुपयोग के गंभीर खतरे को लेकर चिंताजनक सवाल उठते हैं।’’
शुक्रवार को आरोपी अपने वकील के साथ अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रफाकत अली गोंडल के समक्ष पेश हुआ था। वकील ने अदालत में शिकायतकर्ता का एक वीडियो बयान पेश किया, जिसमें वह तीन आरोपियों के खिलाफ पहले लगाए गए आरोप वापस लेती नजर आ रही थी।

न्यायाधीश ने आरोपी तनवीर की अग्रिम जमानत की अवधि मंगलवार तक बढ़ा दी। याचिकाकर्ता द्वारा जमानत पर होने के बावजूद अदालत परिसर में गिरफ्तारी की आशंका जताए जाने पर न्यायाधीश ने सुरक्षा प्रभारी को निर्देश दिया कि आरोपी को अदालत परिसर से सुरक्षित निकलने दिया जाए। हालांकि, आरोपी जैसे ही अदालत परिसर से बाहर निकला, पुलिसकर्मियों ने उसके सहयोगियों के कड़े विरोध के बावजूद उसे गिरफ्तार कर लिया।

इस दौरान दोनों पक्षों के बीच हाथापाई हुई, जिसमें कई लोग घायल हो गए। पुलिस ने आरोपी के कई सहयोगियों को भी गिरफ्तार किया। आरोपी के पिता ने आरोप लगाया कि पंजाब पुलिस के अपराध नियंत्रण विभाग (सीसीडी) ने उनके बेटे को गैरकानूनी तरीके से गिरफ्तार किया है।

उन्होंने यह आशंका भी जताई कि सीसीडी उनके बेटे को फर्जी मुठभेड़ में मार देगा। इससे पहले इसी साल जून में नीदरलैंड और वेनेजुएला की दो महिलाओं से चार पुरुषों ने कथित तौर पर दुष्कर्म किया था। इस मामले में पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री इसहाक डार का पोता भी कथित तौर पर शामिल था।


स्रोत: आधिकारिक समाचार माध्यम (https://www.prabhasakshi.com/international/maryam-nawaz-accuses-judge-bribe-lahore-gangrape-bail)

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