📅 Wednesday, 28 October 2026 | ऑल इंडिया संपादक परिषद
LIVE NEWS AISP राष्ट्रीय डिजिटल पोर्टल लाइव | डिजिटल QR आईडी कार्ड सेवा सक्रिय | बौद्धिक मंच व विचार प्रवाह चालू...
Piyush Dwivedi
पीयूष द्विवेदी राष्ट्रीय अध्यक्ष मान्यता प्राप्त पत्रकार,
उ0 प्र0 शासन
AISP Crest Logo

AISP.CLUB

All India Sampadak Parishad

Abhinay Seth
अभिनय सेठ (गुरुभाई) राष्ट्रीय प्रमुख (डिजिटल मीडिया)
🏠 होम 🏛️ PIB विज्ञप्ति 🔍 फैक्ट-चेक 🇮🇳 राष्ट्रीय 🌐 अंतरराष्ट्रीय 🗺️ राज्य समाचार 📍 जिला एवं शहर 💳 सदस्यता 🔍 सत्यापन
🏠 होम » अंतरराष्ट्रीय

Israel Election: संसदीय चुनाव में रिकॉर्ड मतदान, शाम 6 बजे तक पड़े 67 फीसदी वोट

📅 प्रकाशित: 28 October 2026, 09:10 👁️ 3 बार देखा गया

(हरिंदर मिश्रा)
यरुशलम, 27 अक्टूबर इजराइल में मंगलवार को संसदीय चुनावों में शाम छह बजे तक लगभग 67 प्रतिशत पात्र मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया, जो इजराइल के दर्ज इतिहास में सबसे अधिक है। चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी तथा सेना के पूर्व प्रमुख गादी आइजेनकोट के बीच कड़ा मुकाबला होने का संकेत मिला है। देशभर में मतदान केंद्र स्थानीय समयानुसार सुबह सात बजे खुल गए थे।

देशभर के 12,018 मतदान केंद्रों पर कुल 73,31,981 पात्र मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकते हैं। केंद्रीय निर्वाचन समिति के अनुसार, शाम छह बजे तक 66.7 प्रतिशत मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर चुके थे, जबकि 2022 के चुनाव में इस समय तक 57.7 प्रतिशत मतदान हुआ था। यह इस समय तक दर्ज किया गया अब तक का सर्वाधिक मतदान है।

प्रति घंटे मतदान के आंकड़े 1973 से दर्ज किए जा रहे हैं। केंद्रीय निर्वाचन समिति (सीईसी) ने बताया कि अपराह्न दो बजे तक 44.9 प्रतिशत पात्र मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर चुके थे, जबकि 2022 के चुनाव में इस समय (पूर्वाह्न दो बजे) तक 38.9 प्रतिशत मतदान हुआ था। यह 1973 के बाद इस समय तक दर्ज किया गया सबसे अधिक मतदान है।

केंद्रीय निर्वाचन समिति के कार्यवाहक महानिदेशक डीन लिवने ने कहा कि अब तक 40 लाख से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर चुके हैं। इजराइल के इतिहास में सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहे बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा ने यरुशलम के एक मतदान केंद्र पर अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। उनके कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में यह जानकारी दी गई।

नेतन्याहू ने दक्षिणपंथी मतदाताओं से ‘जागने’ और उनकी लिकुड पार्टी को वोट देने की पुरज़ोर अपील की, ताकि ‘अरब पार्टियों की सरकार’ बनने से रोकी जा सके। यह कदम 2015 के चुनावों में अपनाई गई उनकी पुरानी रणनीति को दोहराने जैसा लगता है। आधिकारिक नतीजे चार नवंबर को घोषित किए जाएंगे, जबकि चुनाव के संभावित परिणामों से जुड़े अनुमान बुधवार तक सामने आने की उम्मीद है।

चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों के अनुसार, नेतन्याहू की लिकुड पार्टी और आइजेनकोट के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन में करीबी मुकाबला है। दोनों में से किसी भी पक्ष को सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत नहीं मिलने की आशंका है। नेतन्याहू (77) सात अक्टूबर, 2023 के हमले को लेकर जवाबदेही तय करने की बढ़ती मांगों और तीन साल से जारी युद्ध के बाद भी सत्ता में बने रहने की कोशिश कर रहे हैं।

मोरक्को के यहूदी मूल के परिवार से ताल्लुक रखने वाले आइजेनकोट प्रमुख प्रतिद्वंद्वी के रूप में उभरे हैं, जबकि पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट अब यायर लैपिड के साथ एक अलग विपक्षी गठबंधन का नेतृत्व कर रहे हैं। आइजेनकोट (66) को युद्ध के दौरान निजी क्षति के कारण लोगों की सहानुभूति मिली है। गाजा में संघर्ष के दौरान सेना में सेवा देते हुए उनके बेटे और दो भतीजों की मौत हो गई थी।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चुनाव से पहले सार्वजनिक रूप से नेतन्याहू का समर्थन किया। उन्होंने रविवार को एक और बयान जारी कर इजराइली लोगों से नेतन्याहू के पक्ष में मतदान करने की अपील की। अरब नागरिक, जो इज़राइल की आबादी का लगभग 21 प्रतिशत हैं, चुनाव के बाद के समीकरणों में अहम भूमिका निभा सकते हैं।


स्रोत: आधिकारिक समाचार माध्यम (https://www.prabhasakshi.com/international/israel-election-records-67-percent-voter-turnout-netanyahu-eisenkot-tight-contest)

← मुख्य पृष्ठ पर लौटें AISP Official Digital Desk

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

© 2026 All India Sampadak Parishad (AISP). सर्वाधिकार सुरक्षित।
Powered by Digital Nation Inn (DNI) | Managed by AISP Digital Wing