📅 Monday, 26 October 2026 | ऑल इंडिया संपादक परिषद
LIVE NEWS AISP राष्ट्रीय डिजिटल पोर्टल लाइव | डिजिटल QR आईडी कार्ड सेवा सक्रिय | बौद्धिक मंच व विचार प्रवाह चालू...
Piyush Dwivedi
पीयूष द्विवेदी राष्ट्रीय अध्यक्ष मान्यता प्राप्त पत्रकार,
उ0 प्र0 शासन
AISP Crest Logo

AISP.CLUB

All India Sampadak Parishad

Abhinay Seth
अभिनय सेठ (गुरुभाई) राष्ट्रीय प्रमुख (डिजिटल मीडिया)
🏠 होम 🏛️ PIB विज्ञप्ति 🔍 फैक्ट-चेक 🇮🇳 राष्ट्रीय 🌐 अंतरराष्ट्रीय 🗺️ राज्य समाचार 📍 जिला एवं शहर 💳 सदस्यता 🔍 सत्यापन
🏠 होम » अंतरराष्ट्रीय

S Jaishankar और नेपाल के वित्त मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग और बहुपक्षवाद पर की चर्चा

📅 प्रकाशित: 24 October 2026, 04:09 👁️ 3 बार देखा गया

(शिरीष बी प्रधान)
काठमांडू, 23 अक्टूबर विदेश मंत्री एस. जयशंकर और नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले ने बदलती वैश्विक व्यवस्था के बीच अंतरराष्ट्रीय सहयोग के भविष्य पर विचारों का आदान-प्रदान किया। नेपाल की ‘नेशनल न्यूज एजेंसी’ के अनुसार बृहस्पतिवार को ‘एनडीटीवी वर्ल्ड समिट 2026’ के एक सत्र में दोनों नेताओं ने वैश्विक व्यवस्था में बदलाव, बहुपक्षीय सहयोग के भविष्य और क्षेत्रीय तथा उप-क्षेत्रीय साझेदारियों की आवश्यकता पर चर्चा की। सम्मेलन के ‘संप्रभु विकल्प की भू-राजनीति’ शीर्षक वाले सत्र में जयशंकर मुख्य वक्ता थे।

वागले ने कहा कि शीत युद्ध की समाप्ति के बाद दुनिया में व्यापार और आर्थिक क्षेत्रों में बहुपक्षवाद को प्राथमिकता दी गई, लेकिन हाल के वर्षों में इसकी नींव कमजोर हुई है। नेपाल के वित्त मंत्री ने यह सवाल भी उठाया कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग को औपचारिक संस्थागत ढांचों के जरिए मजबूत किया जाना चाहिए या साझेदार देशों के बीच आपसी समझ के माध्यम से आगे बढ़ाया जाना चाहिए। इसके जवाब में जयशंकर ने कहा कि पिछले दो दशकों में देश औपचारिक प्रतिबद्धताओं के बजाय व्यावहारिक सहयोग की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं।

जयशंकर ने कहा कि औपचारिक संस्थागत ढांचे तैयार करने में परामर्श, प्रशासनिक प्रक्रियाओं, वित्तीय प्रतिबद्धताओं और नियम बनाने में काफी समय लग सकता है। उन्होंने कहा कि जहां औपचारिक ढांचे जरूरी हैं, वहां ऐसी व्यवस्थाएं उपयुक्त हैं, लेकिन सहयोग के सभी रूपों को संस्थागत ढांचों से जोड़ना आवश्यक नहीं है। ब्रिक्स की तुलना शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) से करते हुए जयशंकर ने कहा कि ब्रिक्स का अपना कोई सचिवालय नहीं है और न ही यह अपने सभी सदस्य देशों द्वारा हस्ताक्षरित किसी चार्टर पर आधारित है।

विदेश मंत्री ने ब्रिक्स और एससीओ के बीच संरचनात्मक अंतर को रेखांकित करते हुए कहा कि सहयोग के सभी तंत्रों के लिए एक ही तरह का समान ढांचा होना जरूरी नहीं है। जयशंकर ने कहा, ‘‘अगर आप मुझसे इस रुझान के बारे में पूछें, तो मैं कहूंगा कि यह स्पष्ट रूप से तदर्थ व्यवस्थाओं और समान विचारधारा वाले देशों के बीच साझेदारी की ओर बढ़ रहा है।’’
पिछले एक दशक में भारत द्वारा ऐसे लगभग 50 समूह बनाये जाने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इनमें त्रिपक्षीय और चतुष्पक्षीय व्यवस्थाओं से लेकर समान विचारधारा वाले देशों के गठबंधन तक शामिल हैं। उन्होंने कहा कि देशों में सहयोग के ऐसे मॉडल में रुचि बढ़ रही है, जिसमें प्रशासनिक खर्च कम हो और ठोस परिणाम हासिल किए जा सकें।

इससे पहले, वागले ने 26 अगस्त को भोटेकोशी-त्रिशूली नदी में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद आपदा से निपटने के प्रयासों में नेपाल को भारत की ओर से दिए गए सहयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि आपदा के कुछ ही घंटों के भीतर तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए नेपाल भारत का आभारी है।


स्रोत: आधिकारिक समाचार माध्यम (https://www.prabhasakshi.com/international/s-jaishankar-and-nepal-finance-minister-discuss-global-cooperation)

← मुख्य पृष्ठ पर लौटें AISP Official Digital Desk

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

© 2026 All India Sampadak Parishad (AISP). सर्वाधिकार सुरक्षित।
Powered by Digital Nation Inn (DNI) | Managed by AISP Digital Wing