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किसे मिलेगा रिकार्ड वोटिंग का फायदा?:शिक्षक एमएलसी चुनाव में मतदान के बाद कड़ी टक्कर की चर्चा

📅 प्रकाशित: 25 October 2026, 18:08 👁️ 3 बार देखा गया

गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए मतदान संपन्न हो चुका है। इस बार इस क्षेत्र में अब तक की सर्वाधिक वोटिंग हुई है। 79.32 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है। पिछली बार के आंकड़ों पर गौर करें तो मतों की संख्या के मुकाबले इस बार पिछले चुनाव से लगभग 15000 अधिक वोट पड़े हैं। मतपेटिका में पड़ चुके ये वोट आखिर किसे फायदा पहुंचाएंगे, इसको लेकर खूब चर्चा है। माना जा रहा है कि मत प्रतिशत बढ़ने में सीबीएसई एवं सीआइएससीई बोर्ड के शिक्षकों का अधिक योगदान है। सपा प्रत्याशी ऐसे ही स्कूलों का संचालन करते हैं इसलिए उनका पहला दावा है लेकिन भाजपा प्रत्याशी के समर्थक भी इन मतों पर अपनी पकड़ बता रहे हैं। चर्चा यह भी है कि पिछली बार रनर रहे अजय सिंह और तीसरा स्थान पाने वाले राजीव यादव भी कड़ी टक्कर दे रहे हैं।
दो दिन बाद परिणाम सबके सामने आ जाएगा लेकिन अभी सभी प्रत्याशी अपनी जीत की चर्चा कर रहे हैं। आम चर्चा पर गौर करें तो भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी व सपा प्रत्याशी डा. संजयन त्रिपाठी के बीच सीधी टक्कर मानी जा रही है। हालांकि शिक्षक राजनीति को नजदीक से समझने का दावा करने वाले कहते हैं कि राजीव यादव को मिले समर्थन को नकारा नहीं जा सकता। इसी तरह अजय सिंह को सहानुभूति में वित्त विहीन मतदाताओं का साथ मिलने की बात कही जा रही है। अब जानिए किसकी क्या ताकत रही भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी इस चुनाव के माहिर खिलाड़ी माने जाते हैं। शर्मा गुट से दो बार शिक्षक एमएलसी चुने गए पंचायनन राय के उत्तराधिकारी के तौर पर 2008 में वह पहली बार एमएलसी बने। उसके बाद लगातार 2 बार और उन्हें जीत मिली। यानी 18 सालों से वह इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इस बार उनके साथ खुले तौर पर शर्मा गुट के साथ ही भाजपा भी थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के साथ पूरा संगठन उनके प्रचार में लगा था।
शिक्षक राजनीति से जुड़े कुछ शिक्षकों की मानें तो मदरसा शिक्षकों का मत भी ध्रुव कुमार त्रिपाठी की ताकत हुआ करता था लेकिन इस बार भाजपा प्रत्याशी होने के चलते इन मतों का नुकसान होने की बात कही जा रही है। साथ ही लगातार 18 सालों से एमएलसी रहने के कारण विरोध के स्वर भी उठ रहे थे। फिर भी उनके समर्थक और भाजपा कार्यकर्ता उनकी जीत को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हैं। बात सपा प्रत्याशी डा. संजयन त्रिपाठी की करें तो सीबीएसई एवं सीआईएससीई बोर्ड के मतदाताओं को वह अपनी ताकत मान रहे थे। इसके साथ ही भाजपा से टिकट न मिलने के बाद उपजी सहानुभूति को भी अपने लिए पॉजिटिव मान रहे हैं। कब तक किसी जिम्मेदार पद पर न रहने के चलते, उनके सामने सवाल भी कम थे। जो अधिक वोट पड़े हैं, उनमें से ज्यादातर को उनके समर्थक अपने पक्ष में मान रहे हैं। सपा से टिकट मिलने और सपा प्रमुख अखिलेश यादव सहित लगभग 9 सांसद और दर्जनभर से अधिक विधायकों के पूरे मनोयोग से लगने के चलते भी उन्हें मतों का फायदा हुआ है। सपा व भाजपा की लड़ाई के कारण इस बार मदरसा शिक्षकों का समर्थन भी संजयन के साथ रहा है। सपा के प्रभाव वाले जिलों में अधिक वोटिंग भी उनकी मजबूती की ओर इशारा करती है। इसके साथ ही अंतिम दो दिनों में भाजपा के स्नातक क्षेत्र के एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह का खुला समर्थन भी संजयन के लिए काफी मददगार रहा है। देवेंद्र प्रताप सिंह का भी इस क्षेत्र में अच्छा-खासा प्रभाव माना जाता है। शिक्षकों की आवाज भी वह समय-समय पर उठाते रहते हैं। इसको लेकर पार्टी लाइन से अलग जाने में भी नहीं चूकते। इस चुनाव में उनके साथ हुई अपमान की कथित घटना के बाद से उनके समर्थक काफी आक्रोशित थे और इसका फायदा संजयन को मिला है। अजय सिंह ने पिछले चुनाव में वित्तविहीन शिक्षकों की बदौल अच्छी फाइट दी थी। वह दूसरे स्थान पर रहे थे। वह भी पिछले कई सालों से सक्रिय हैं। इस बार उनके साथ सहानुभूति भी थी। इसलिए माना जा रहा है कि सपा व भाजपा की लड़ाई में वह भी बाजी मार सकते हैं। लेकिन यह भी चर्चा है कि दोनों पार्टियों की ओर से ताकत झोंकने के बाद मतों का ध्रुवीकरण भी हो सकता है। इसके साथ ही उनके प्रभाव वाले जिलों में एक अन्य प्रत्याशी अजीत कुमार सिंह ने भी मजबूती से लड़ाई लड़ी है और उनका फोकस भी वित्तविहीन स्कूल ही थे। राजीव यादव के पास पुरानी पेंशन बहाली का बड़ा मुद्दा था। एडेड विद्यालयों में नई पेंशन योजना से आच्छादित शिक्षकों का बड़ा समूह उनके साथ नजर आया। पिछले चुनाव में उन्हें तीसरा स्थान मिला था। राजीव यादव के समर्थन उनकी जीत का दावा कर रहे हैं लेकिन जीत लायक मतों का स्पष्ट गणित उनके पास नहीं है। वरिष्ठ पत्रकार आलोक दूबे ने बताया कि मतदान के रुझानों को देखें तो लड़ाई त्रिकोणीय नजर आती है। डा. संजयन, ध्रुव कुमार त्रिपाठी और अजय सिंह ने अच्छा प्रदर्शन किया है और तीनों तगड़ी फाइट में हैं। राजीव यादव को भी अच्छे वोट मिले हैं लेकिन जीतने लायक वोट मिले हैं, इसे लेकर थोड़ा संशय है। हालांकि उनके समर्थक उनकी जीत को लेकर उत्साहित हैं। अब, यह देखना होगा कि द्वितीय वरीयता के वोट किसे ज्यादा मिले हैं।


स्रोत: आधिकारिक समाचार माध्यम (https://www.bhaskar.com/g/local/uttar-pradesh/gorakhpur/news/gorakhpur-faizabad-mlc-teacher-election-voting-result-update-139486501.html)

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