📅 Sunday, 25 October 2026 | ऑल इंडिया संपादक परिषद
LIVE NEWS AISP राष्ट्रीय डिजिटल पोर्टल लाइव | डिजिटल QR आईडी कार्ड सेवा सक्रिय | बौद्धिक मंच व विचार प्रवाह चालू...
Piyush Dwivedi
पीयूष द्विवेदी राष्ट्रीय अध्यक्ष मान्यता प्राप्त पत्रकार,
उ0 प्र0 शासन
AISP Crest Logo

AISP.CLUB

All India Sampadak Parishad

Abhinay Seth
अभिनय सेठ (गुरुभाई) राष्ट्रीय प्रमुख (डिजिटल मीडिया)
🏠 होम 🏛️ PIB विज्ञप्ति 🔍 फैक्ट-चेक 🇮🇳 राष्ट्रीय 🌐 अंतरराष्ट्रीय 🗺️ राज्य समाचार 📍 जिला एवं शहर 💳 सदस्यता 🔍 सत्यापन
🏠 होम » अंतरराष्ट्रीय

Pakistan में प्रति 1,000 लोगों पर सिर्फ 22 कार, फिर भी Public Transport हाशिए पर

📅 प्रकाशित: 25 October 2026, 05:10 👁️ 3 बार देखा गया

पाकिस्तान को अपनी परिवहन नीति में बड़ा बदलाव करने की जरूरत है। इसमें निजी वाहनों के बजाय किफायती सार्वजनिक बस सेवाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, क्योंकि सीमित पहुंच, यात्रा की बढ़ती लागत और खराब बुनियादी ढांचे के कारण शहरी आवागमन में लगातार बाधाएं आ रही हैं। ‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ के मुताबिक, ‘बसकारो’ (BusCaro) और ‘पाकिस्तान एंड काउंटिंग मोबिलिटी इंडेक्स’ से पता चलता है कि इस इंडेक्स में सार्वजनिक परिवहन की हिस्सेदारी 0.5% से भी कम है। वहीं, निजी मोटरसाइकिल, कार और रिक्शों की हिस्सेदारी 98.7% है, जो देश के परिवहन क्षेत्र में निजी वाहनों के दबदबे को दिखाती है। इंडेक्स में पाया गया कि मई से सितंबर के बीच आठ तरह के परिवहन साधनों में एक किलोमीटर की यात्रा का औसत खर्च 7.9% घटकर 10.48 रुपये से 9.65 रुपये हो गया है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना ​​है कि ये आंकड़े पाकिस्तान की सार्वजनिक परिवहन प्रणाली की बुनियादी कमियों को छिपा नहीं सकते, खासकर तब जब वहां प्रति 1,000 लोगों में से केवल 22 लोग ही कार खरीदने की हैसियत रखते हैं।

इसे भी पढ़ें: हमारी रक्षा कर रहा है…पाकिस्तान पर ये क्या बोल गए फारूक अब्दुल्ला, बीजेपी ने दिया करारा जवाब

ऑटो विशेषज्ञ मशूद अली खान ने कहा कि पाकिस्तान को यूरोप, चीन और भारत के ट्रांसपोर्ट नेटवर्क से सीखना चाहिए, जहाँ पब्लिक मोबिलिटी सिस्टम रिहायशी और कमर्शियल इलाकों को ज्यादा बेहतर तरीके से जोड़ते हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को निजी वाहनों का इस्तेमाल छोड़कर पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपनाने के लिए प्रेरित करने के लिए सुविधाजनक रूट, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और बेहतर सेवाएं बहुत जरूरी हैं। खान ने संघीय सरकार और प्रांतों से आग्रह किया कि वे बस सेवाओं का विस्तार करने और इलेक्ट्रिक बसों की ओर बढ़ने के लिए एक ठोस, दीर्घकालिक रणनीति बनाएं। उन्होंने यह भी कहा कि आयातित वाहनों और पुर्जों पर बहुत ज्यादा निर्भर रहने के बजाय, देश के भीतर ही इलेक्ट्रिक बसें बनाने की सुविधाएं स्थापित करने के लिए प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए। पाकिस्तान में इंफ्रास्ट्रक्चर की कमियां एक बड़ी रुकावट बनी हुई हैं। खान ने विशेष रूप से देश के आर्थिक केंद्र कराची की आलोचना की, जहाँ खराब सड़कें और अपर्याप्त ट्रांसपोर्ट सुविधाओं के कारण लोगों का रोज आना-जाना बहुत मुश्किल हो गया है। ‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ के अनुसार, उन्होंने संघीय और प्रांतीय अधिकारियों के बीच तालमेल की कमी का भी जिक्र किया, जिससे प्रोजेक्ट्स में देरी हो सकती है और लागत बढ़ सकती है। ‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ की रिपोर्ट के मुताबिक, खान का अनुमान है कि पाकिस्तान में अभी लगभग 2,000 बसें हैं, जबकि सालाना मांग 18,000 से 20,000 वाहनों तक पहुंच सकती है। यह देश में ही बसों के निर्माण और रोजगार पैदा करने का एक बड़ा मौका है।
 


स्रोत: आधिकारिक समाचार माध्यम (https://www.prabhasakshi.com/international/mashood-ali-khan-urges-pakistan-to-expand-public-bus-fleet-and-infrastructure)

← मुख्य पृष्ठ पर लौटें AISP Official Digital Desk

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

© 2026 All India Sampadak Parishad (AISP). सर्वाधिकार सुरक्षित।
Powered by Digital Nation Inn (DNI) | Managed by AISP Digital Wing